कपड़ा मंत्रालय ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि देश का कपड़ा उद्योग वित्त वर्ष 2026 में लगभग 190 अरब डॉलर तक फैल गया है और 2030 तक 350 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।
कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार, भारत का घरेलू कपड़ा बाजार वित्त वर्ष 2015 में लगभग 63 अरब डॉलर से बढ़कर अब 168.2 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो मजबूत विस्तार और अर्थव्यवस्था में बढ़ते योगदान को दर्शाता है। देश का कपड़ा उद्योग वित्त वर्ष 2026 में लगभग 190 बिलियन डॉलर तक विस्तारित हो गया है और 2030 तक 350 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की ओर अग्रसर है। भारत तकनीकी वस्त्रों में भी एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभरा है।
मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि कपड़ा और परिधान क्षेत्र 53 मिलियन से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है और अगले तीन वर्षों में लगभग 20 मिलियन अतिरिक्त नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि भारत तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में भी एक बड़ी ताकत बनकर उभरा है, राष्ट्रीय तकनीकी कपड़ा मिशन के तहत बाजार लगभग 6 अरब डॉलर से बढ़कर 25 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि अनुसंधान, नवाचार, ऊष्मायन और उद्योग-अकादमिक सहयोग में बड़े पैमाने पर निवेश भविष्य के लिए तैयार कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में मदद कर रहे हैं।
सिंह ने आगे कहा कि राज्यों में एकीकृत कपड़ा पार्कों और सात पीएम मित्रा पार्कों के विकास के माध्यम से कपड़ा बुनियादी ढांचे में भी महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की गई है, जिससे 700 अरब रुपये के निवेश आकर्षित होने और लगभग 2.1 मिलियन रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
फ़ाइबर2फ़ैशन न्यूज़ डेस्क (डीएस)




